अटारी-बाघा सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला

भारत-पाकिस्तान सीमा पर होने वाली मशहूर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को देखने आने वाले दर्शकों के लिए एक अहम बदलाव किया गया है। प्रशासन ने बुधवार से इस समारोह के समय में संशोधन लागू कर दिया है, ताकि लोग बेहतर तरीके से इस देशभक्ति से भरपूर आयोजन का आनंद ले सकें। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय मौसम में बदलाव और दिन की रोशनी के समय को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। गर्मी बढ़ने और दिन के लंबे होने के कारण अब सेरेमनी को थोड़ा देर से शुरू करने का फैसला किया गया है, जिससे दर्शकों को अधिक सहज और सुरक्षित अनुभव मिल सके।

नया समय क्या है?

एक अप्रैल से लागू नए नियम के अनुसार अब अटारी-बाघा सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे शुरू होगी और 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले यह सेरेमनी शाम 5:00 बजे शुरू होकर 5:30 बजे समाप्त होती थी।

क्या है बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी?

बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा प्रतिदिन की जाने वाली एक अनूठी सैन्य परंपरा है। इसमें दोनों देशों के जवान पूरे जोश, अनुशासन और तालमेल के साथ परेड करते हैं। ऊंचे कदम, सख्त भाव-भंगिमा और देशभक्ति के नारों के बीच यह दृश्य दर्शकों को रोमांचित कर देता है। यह सेरेमनी न केवल सैन्य परंपरा का प्रतीक है, बल्कि दोनों देशों के बीच सीमाओं के बावजूद सांस्कृतिक संवाद और अनुशासन का भी संदेश देती है। रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं अटारी-बाघा सीमा पर होने वाली इस सेरेमनी को देखने के लिए देश-विदेश से रोजाना हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। खासकर छुट्टियों और सप्ताहांत में यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में समय में बदलाव से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

दर्शकों के लिए BSF की अपील

सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने दर्शकों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही स्थल पर पहुंच जाएं। समय से पहले पहुंचने पर न केवल अच्छी सीट मिलती है, बल्कि सुरक्षा जांच में भी किसी तरह की परेशानी नहीं होती।

बेहतर अनुभव और सुरक्षा पर जोर

प्रशासन का मानना है कि नए समय से दर्शकों को अधिक आरामदायक माहौल मिलेगा। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को भी भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी।

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