नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज रीमॉडलिंग, सड़क चौड़ीकरण और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी जनसुविधाओं से जुड़ी पहलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद बरसात के समय जलभराव की समस्या में काफी कमी आएगी और क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
ड्रेनेज रीमॉडलिंग की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने हैदरपुर मेन रोड पर बस स्टैंड से डीए ब्लॉक, शालीमार बाग तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन के रीमॉडलिंग कार्य का उद्घाटन किया। यह परियोजना New Master Drain Plan 2025 के तहत शुरू की गई है। परियोजना के तहत आरसीसी (रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) ड्रेन का निर्माण किया जाएगा, जिससे इलाके में बारिश का पानी तेजी से निकल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे जल निकासी की क्षमता बढ़ेगी और बरसात के मौसम में सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या कम होगी।
सड़कों पर शुरू हुए सुधार कार्य
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शालीमार बाग इलाके की कई प्रमुख सड़कों पर भी ड्रेनेज सुधार परियोजनाएं शुरू कर दी गई हैं। इनमें रोड नंबर 319, आरयूबी शालीमार बाग, चौधरी मेहर चंद मार्ग, रोड नंबर 320 और स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती मार्ग शामिल हैं। इन स्थानों पर जल निकासी प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ सड़क और आसपास के बुनियादी ढांचे में भी सुधार किया जाएगा।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण किया जाएगा ताकि नागरिकों को तय समय में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नागरिकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
सरकार का मानना है कि इन विकास परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल जलभराव की समस्या कम होगी साथ ही यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी सुविधाएं भी क्षेत्र के लोगों को उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी में बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक बनाना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में ड्रेनेज रीमॉडलिंग और बुनियादी ढांचे के सुधार से स्थानीय नागरिकों को लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।
