नई दिल्ली: राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल Safdarjung Hospital ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अस्पताल ने देश में पहली बार ‘क्रिटिकल केयर क्लिनिक’ (Critical Care Clinic) शुरू करने का निर्णय लिया है, जो खास तौर पर उन मरीजों के लिए होगा जो आईसीयू में इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं, लेकिन उन्हें आगे भी विशेषज्ञों की निगरानी की जरूरत होती है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यह पहल आईसीयू से डिस्चार्ज हुए मरीजों की दीर्घकालिक देखभाल को बेहतर बनाने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगी।
आईसीयू के बाद भी जारी रहेगी विशेषज्ञों की निगरानी
अक्सर देखा जाता है कि गंभीर बीमारी के बाद आईसीयू से बाहर आने वाले मरीजों को लंबे समय तक चिकित्सा परामर्श और निगरानी की आवश्यकता होती है। कई बार मरीजों को सांस, कमजोरी, मानसिक तनाव या अन्य जटिल स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सफदरजंग अस्पताल ने क्रिटिकल केयर क्लिनिक शुरू करने की योजना बनाई है। इस क्लिनिक के जरिए आईसीयू से ठीक होकर घर लौटे मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से नियमित सलाह और फॉलो-अप सुविधा मिल सकेगी।
eSanjeevani पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फॉलो-अप
इस नई व्यवस्था के तहत फॉलो-अप परामर्श ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म eSanjeevani का उपयोग किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह ऑनलाइन ओपीडी सेवा हर मंगलवार और गुरुवार को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी। आईसीयू से डिस्चार्ज हुए मरीज या उनके परिजन इस पोर्टल पर लॉग-इन करके सीधे क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे।
अस्पताल आने की जरूरत होगी कम
नई सुविधा का एक बड़ा लाभ यह होगा कि मरीजों को हर बार अस्पताल आकर लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। घर बैठे ऑनलाइन परामर्श मिलने से न केवल मरीजों का समय बचेगा बल्कि बुजुर्ग और कमजोर मरीजों के लिए भी यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक साबित हो सकती है। इसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीज भी आसानी से विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह प्राप्त कर सकेंगे।
शनिवार को होगा औपचारिक उद्घाटन
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक इस नई सेवा का औपचारिक उद्घाटन शनिवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अस्पताल के निदेशक Dr. Sandeep Bansal डायरेक्टर मीटिंग रूम में इस क्लिनिक का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन के साथ ही मरीजों के लिए ऑनलाइन परामर्श सेवा शुरू कर दी जाएगी।
आईसीयू सर्वाइवर्स के लिए बड़ी राहत
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार गंभीर बीमारी के बाद आईसीयू से बाहर आने वाले मरीजों को अक्सर लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें सांस लेने में कठिनाई, शारीरिक कमजोरी, संक्रमण का खतरा, मानसिक तनाव या याददाश्त से जुड़ी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। ऐसे में नियमित चिकित्सा निगरानी बेहद जरूरी होती है। क्रिटिकल केयर क्लिनिक के माध्यम से डॉक्टर मरीजों की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित उपचार या जांच की सलाह दे सकेंगे।
डिजिटल हेल्थकेयर को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल मरीजों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थकेयर सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। कोविड-19 महामारी के बाद से भारत में ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है और eSanjeevani जैसे प्लेटफॉर्म ने लाखों मरीजों को घर बैठे परामर्श की सुविधा दी है। सफदरजंग अस्पताल की यह पहल इसी दिशा में एक नया कदम मानी जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में यह सेवा हजारों आईसीयू सर्वाइवर्स के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में अन्य सरकारी अस्पताल भी इसी तरह के क्रिटिकल केयर क्लिनिक शुरू कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे न केवल मरीजों को बेहतर फॉलो-अप उपचार मिलेगा बल्कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकता है।
