गुवाहाटी: प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को असम के कोकराझार जिले के लिए 4,570 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मौसम खराब होने के कारण प्रधानमंत्री को कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना संभव नहीं हो पाया, इसलिए उन्होंने राजधानी गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क और रेल संपर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की और उत्तर-पूर्व क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।
‘डबल इंजन सरकार’ विकास को दे रही गति
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम के तेज विकास और राज्य की समृद्ध विरासत के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 4,500 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है। इनमें से लगभग 1,100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं बोडोलैंड क्षेत्र की सड़कों के विकास से जुड़ी हैं। सड़क और परिवहन से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
‘असम माला 3.0’ से मजबूत होगी सड़क कनेक्टिविटी
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सड़क अवसंरचना परियोजना ‘Asom Mala Scheme 3.0’ की शुरुआत भी की। इस योजना के तहत असम में 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर बनाना और राष्ट्रीय राजमार्गों को ग्रामीण सड़कों से अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से अंतर-राज्यीय संपर्क मजबूत होगा और व्यापार, पर्यटन तथा स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
बोडोलैंड क्षेत्र में नई सड़क परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने Bodoland Territorial Council (बीटीसी) क्षेत्र में करीब 1,100 करोड़ रुपये की लागत वाली छह सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं में चार फ्लाईओवर और दो पुलों का निर्माण शामिल है। सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से कोकराझार जिले में यातायात जाम कम होगा और क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी। साथ ही पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण परिवहन को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिला बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कोकराझार जिले के बाशबारी क्षेत्र में रेलवे की आवधिक मरम्मत (पीओएच) कार्यशाला की आधारशिला भी रखी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यशाला के निर्माण से रेलवे कोचों की मरम्मत और रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्व और देश के अन्य हिस्सों के बीच रेल संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।
इनमें शामिल हैं:
Kamakhya–Charlapalli Amrit Bharat Express – यह ट्रेन उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
Guwahati–New Jalpaiguri Express – यह सेवा असम और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा को और आसान बनाएगी।
Narangi–Agartala Express – यह ट्रेन असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार इन नई सेवाओं से यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए अंतर-राज्यीय यात्रा अधिक सुगम होगी।
उत्तर-पूर्व के विकास पर सरकार का फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क और रेल कनेक्टिविटी में निवेश से उत्तर-पूर्वी राज्यों में आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दे रही है। नई सड़क परियोजनाएं, रेलवे सेवाएं और लॉजिस्टिक्स ढांचा क्षेत्र को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से और अधिक मजबूती से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
