नई दिल्ली: दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक विशेष छात्रवृत्ति योजना चला रही है। Ministry of Social Justice and Empowerment के अंतर्गत संचालित यह योजना दिव्यांग विद्यार्थियों को विदेश की प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में मास्टर डिग्री और पीएचडी करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह स्कॉलरशिप Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD) द्वारा लागू की जाती है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को प्रोत्साहित करना है जो शारीरिक या सामाजिक चुनौतियों के कारण अक्सर अपनी प्रतिभा को आगे नहीं बढ़ा पाते।
क्या है यह स्कॉलरशिप योजना
यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए बनाई गई है जिनके पास किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से मास्टर्स या पीएचडी में प्रवेश या अनकंडीशनल ऑफर लेटर हो। योजना के तहत चयनित छात्रों को पढ़ाई, रहने, यात्रा और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य दिव्यांग छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
किन दिव्यांग छात्रों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ उन छात्रों को मिलेगा जिनकी दिव्यांगता Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 में परिभाषित श्रेणियों में आती है। इनमें शामिल हैं:
दृष्टिबाधित (Visual Disability)
श्रवण बाधित (Hearing Disability)
वाक् एवं भाषण संबंधी दिव्यांगता
लोकोमोटर दिव्यांगता
बौद्धिक या मानसिक दिव्यांगता
अन्य मान्यता प्राप्त दिव्यांगताएं
इन श्रेणियों के तहत आने वाले और आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कितनी आर्थिक सहायता मिलती है इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को कई प्रकार की आर्थिक सहायता दी जाती है। जैसे:
वार्षिक मेंटेनेंस भत्ता
अमेरिका और अन्य देश: 15,400 अमेरिकी डॉलर
यूनाइटेड किंगडम: 9,900 ब्रिटिश पाउंड
कंटीजेंसी भत्ता
अमेरिका व अन्य देश: 1,500 डॉलर
यूके: 1,100 पाउंड
अन्य सुविधाएं जैसे:
विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पूरी ट्यूशन फीस, वीजा फीस का भुगतान ,मेडिकल इंश्योरेंस, एयर टिकट (भारत से विश्वविद्यालय तक और वापस), स्थानीय यात्रा खर्च, उपकरण भत्ता,यात्रा से जुड़े अतिरिक्त खर्च
सरकार का उद्देश्य यह है कि चयनित छात्र को पढ़ाई के दौरान आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। आवेदन के लिए जरूरी पात्रता इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार को कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी।
उम्मीदवार छात्र होना चाहिए
विदेश की मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में मास्टर्स या पीएचडी में प्रवेश होना चाहिए
दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होनी चाहिए
आवेदन के समय उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए
परिवार की कुल वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम होनी चाहिए
इन मानदंडों को पूरा करने वाले छात्र आवेदन के पात्र होंगे।
आवेदन प्रक्रिया
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है।
चरण 1 : उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा।
चरण 2: फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निम्न पते पर भेजना होगा:
Under Secretary (Scholarships)
Department of Empowerment of Persons with Disabilities
Room No. 516, 5th Floor
Pt. Deendayal Antyodaya Bhawan
CGO Complex, Lodhi Road
New Delhi – 110003
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के लिए आवेदन पूरे वर्ष स्वीकार किए जाते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय उम्मीदवार को कई दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
आवेदन फॉर्म की दो प्रतियां
जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं का प्रमाणपत्र
दिव्यांगता प्रमाणपत्र
आधार कार्ड या वोटर आईडी
पैन कार्ड
बैंक खाते की जानकारी
शैक्षणिक प्रमाणपत्र और मार्कशीट
आय प्रमाणपत्र और आयकर रिटर्न
विदेश विश्वविद्यालय का ऑफर लेटर
प्रस्तावित अध्ययन का विवरण (500 शब्दों तक)
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना
विशेषज्ञों के अनुसार दिव्यांग छात्रों को अक्सर शिक्षा के क्षेत्र में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जैसे आर्थिक सीमाएं, सामाजिक चुनौतियां और संसाधनों की कमी। ऐसे में यह स्कॉलरशिप योजना उनके लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है। इससे न केवल उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर अपने कौशल का विकास भी कर सकेंगे।
