पीएम मोदी मिडिल ईस्ट संकट पर जताई चिंता

PM addressing the gathering at the laying of foundation Stone, inauguration, dedication to the nation and flagging-off multiple developmental projects at Ernakulum, in Keralam on March 11, 2026.

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। केरलम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियां स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय हैं, क्योंकि वहां लाखों भारतीय काम करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की स्थिति में भारत सरकार अपने नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज का भारत अपने नागरिकों को संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ता। सरकार का प्रयास है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में फंसे भारतीयों को सुरक्षा, सुविधाएं और आवश्यक मदद समय पर उपलब्ध कराई जाए।

पश्चिम एशिया के हालात पर जताई चिंता

केरलम में आयोजित विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो घटनाएं हो रही हैं, उनसे दुनिया भर के लोगों की तरह भारत के नागरिक भी चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब भी किसी भारतीय नागरिक को विदेश में संकट का सामना करना पड़ता है, तब भारत सरकार उसे सुरक्षित निकालने और हर संभव सहायता देने के लिए पूरी ताकत लगाती है। वर्तमान परिस्थितियों में भी सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

भारतीय दूतावास 24 घंटे कर रहे मदद

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावास और मिशन लगातार काम कर रहे हैं और जरूरतमंद भारतीयों की मदद के लिए 24 घंटे सक्रिय हैं। यदि किसी भारतीय नागरिक को भोजन, चिकित्सा सहायता, रहने की व्यवस्था या कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है तो भारतीय मिशन तुरंत मदद सुनिश्चित कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विदेशों में भारतीय मिशन लगातार स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को तुरंत सहायता दी जा सके।

खाड़ी देशों का जताया आभार

प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों की सरकारों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा कठिन परिस्थितियों के बावजूद कई खाड़ी देश भारतीय नागरिकों का विशेष ध्यान रख रहे हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग कर रहे हैं। भारत इन मित्र देशों के सहयोग की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंध लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद रहे हैं, और मौजूदा परिस्थितियों में यह सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता पर जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश के लिए आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है। भारत ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी आत्मनिर्भरता की अहमियत सामने आई थी। इसी तरह यूक्रेन संकट के समय भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े प्रभाव ने दुनिया को आत्मनिर्भरता के महत्व का एहसास कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान संकट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि कोई देश मजबूत और सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे अपनी आवश्यकताओं के लिए अधिकतम स्तर तक आत्मनिर्भर बनना होगा।

विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतने बड़े वैश्विक संकट के दौरान भी कुछ राजनीतिक दल इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे समय में देश की प्राथमिकता विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करना होना चाहिए।

वैश्विक संकट के बीच भारत की सक्रिय भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, व्यापार और सुरक्षा पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि संकट के समय भारत सरकार अक्सर त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने और सहायता पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाती रही है।

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