नई दिल्ली: दिल्ली में संपत्ति कर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) ने बकाया कर नहीं चुकाने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केशवपुरम जोन में दो वाणिज्यिक संपत्तियों को सील कर दिया है। निगम के अनुसार इन दोनों संपत्तियों पर कुल मिलाकर 1.33 करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर बकाया था। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति मालिकों को कई बार नोटिस जारी कर भुगतान का अवसर दिया गया था। बावजूद इसके निर्धारित समय में कर जमा नहीं कराया गया, जिसके बाद निगम को सख्त कदम उठाने पड़े।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई
एमसीडी के मुताबिक यह कार्रवाई पश्चिम विहार और जीटी करनाल इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित वाणिज्यिक संपत्तियों के खिलाफ की गई। ये दोनों इलाके दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां संचालित होती हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन संपत्तियों के मालिकों को पहले कई बार बकाया कर जमा कराने के लिए नोटिस भेजे गए थें। साथ ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी जानकारी दी गई थी कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएमसी अधिनियम के तहत कार्रवाई
एमसीडी ने यह कार्रवाई डीएमसी अधिनियम के तहत की है। अधिकारियों के अनुसार जब कोई संपत्ति मालिक लंबे समय तक संपत्ति कर का भुगतान नहीं करता और नोटिस के बाद भी बकाया नहीं चुकाता, तो निगम को संपत्ति सील करने जैसे कदम उठाने का अधिकार है। निगम का कहना है कि संपत्ति सील करने का उद्देश्य केवल राजस्व वसूली सुनिश्चित करना है। जैसे ही संबंधित मालिक बकाया राशि का भुगतान करेंगे, नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कर संपत्ति को अनसील किया जा सकता है।
संपत्ति कर वसूली अभियान जारी
एमसीडी इन दिनों बकाया संपत्ति कर वसूली के लिए विशेष अभियान चला रहा है। निगम का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक करदाताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाए और बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में कई वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों पर लंबे समय से संपत्ति कर बकाया है। ऐसे मामलों में पहले नोटिस, फिर रिकवरी प्रक्रिया और जरूरत पड़ने पर संपत्ति सील करने जैसी कार्रवाई की जा रही है।
करदाताओं से अपील
एमसीडी ने सभी संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे समय पर संपत्ति कर का भुगतान करें ताकि किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। निगम का कहना है कि समय पर कर भुगतान से शहर की नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में बकायेदारों के खिलाफ अभियान और तेज किया जा सकता है।
