नई दिल्ली: इन दिनों देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में गर्मी का असर बढ़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 10 से 12 मार्च के बीच यहां बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। जो 13 और 14 मार्च को कुछ जगहों तक सीमित रह सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 10 से 14 मार्च के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में कुछ जगहों पर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रफ्तार साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं,
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आंधी-बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 9 से 11 मार्च के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं उत्तर-पूर्वी भारत में 10 से 14 मार्च के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश और तूफानी मौसम देखने को मिल सकता है। इस दौरान बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन मौसम गतिविधियों का असर स्थानीय तापमान और आर्द्रता पर भी पड़ सकता है।
कई राज्यों में हीटवेव का खतरा
एक ओर जहां कुछ क्षेत्रों में बारिश और ठंड का असर रहेगा, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि विदर्भ क्षेत्र में 8 से 12 मार्च के बीच हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान और सौराष्ट्र-कच्छ में 8 से 10 मार्च के बीच लू चलने की संभावना जताई गई है। इसी तरह उत्तर गुजरात में 9 और 10 मार्च को तथा मराठवाड़ा में 10 और 11 मार्च को गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है और दिन के समय तेज गर्मी महसूस हो सकती है।
तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार कुछ तटीय क्षेत्रों में लोगों को गर्मी के साथ-साथ उमस भी परेशान कर सकती है। कोंकण क्षेत्र में 8 और 9 मार्च को गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं गुजरात के तटीय इलाके और सौराष्ट्र-कच्छ के समुद्री क्षेत्र में 8 से 11 मार्च के बीच उमस भरी गर्मी रह सकती है। इसके अलावा दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा के आसपास के जिलों और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी गर्म और उमस भरा मौसम दर्ज किया जा सकता है।
तापमान में भी होगा बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। तापमान में यह उतार-चढ़ाव मौसम को और अधिक अस्थिर बना सकता है।
