नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ विषय पर आयोजित बजट के बाद के वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि देश के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा और नई दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस वेबिनार में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों द्वारा दिए गए सुझाव बजट घोषणाओं को तेजी से जमीन पर लागू करने में मदद करेंगे।
खेती को एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बनाने पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया में कृषि उत्पादों की मांग भी नए रूप में सामने आ रही है। ऐसे में भारत को अपनी खेती को अधिक एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बनाने की दिशा में गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की भौगोलिक विविधता देश की बड़ी ताकत है। अलग-अलग जलवायु और एग्रो-क्लाइमेटिक जोन के कारण भारत में कई प्रकार की फसलें उगाई जा सकती हैं। यदि इन विशेषताओं का सही उपयोग किया जाए तो भारतीय कृषि वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बना सकती है।
बजट में हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में हाई वैल्यू एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि केरल और तमिलनाडु के किसानों को अधिक लाभ दिलाने के लिए नारियल उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों की कृषि फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी कई प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाए।
बजट का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचे
वेबिनार में Shivraj Singh Chouhan, जो कि कृषि और किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री हैं, सहित कई मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा कि बजट की घोषणाएं तभी सफल होंगी जब उनका लाभ समय पर किसानों और ग्रामीण समुदायों तक पहुंचे। उन्होंने विशेषज्ञों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव और सुझाव साझा करें ताकि बजट में किए गए प्रावधानों का पूरा लाभ देश को मिल सके।
कृषि भारत की विकास यात्रा का प्रमुख स्तंभ
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार है और देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं और सुधार लागू किए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, जोखिम कम करना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
किसानों को मिल रहा योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री ने बताया कि Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi योजना के तहत करीब 10 करोड़ किसानों को अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किए गए सुधारों के कारण किसानों को लागत का डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है। संस्थागत ऋण की पहुंच भी बढ़ी है और अब यह 75 प्रतिशत से अधिक किसानों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के बीमा दावों का निपटान किया गया है। इन पहलों से किसानों के जोखिम में कमी आई है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाना है, ताकि किसान देश के विकास में और अधिक योगदान दे सकें।
