पोषण सुधार के लिए नीति आयोग और यूनिसेफ की नई पहल

नई दिल्ली: भारत के आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में मातृ और बाल पोषण की स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से NITI Aayog और UNICEF India ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते को स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SOI) के रूप में अंतिम रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य दोनों संस्थाओं की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए देश के वंचित और पिछड़े क्षेत्रों में पोषण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना है। यह समझौता नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव और आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के मिशन निदेशक Rohit Kumar तथा यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि Arjan de Wagt के बीच हस्ताक्षरित हुआ।

मातृ और बाल पोषण पर खास फोकस

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में माताओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना है। नीति आयोग के अनुसार, यह पहल स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी। सरकार का मानना है कि कई पिछड़े क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच अभी भी सीमित है। ऐसे में यूनिसेफ जैसी वैश्विक संस्था के सहयोग से इन चुनौतियों का बेहतर समाधान संभव हो सकेगा।

ब्लॉक स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन

नीति आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को मजबूती मिलेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी हितधारकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। रोहित कुमार ने कहा कि यूनिसेफ जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। इससे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

CSR निवेश से पोषण कार्यक्रम

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से पोषण कार्यक्रमों के लिए संसाधन जुटाना भी है। यूनिसेफ के मंच IMPAct4Nutrition (I4N) के माध्यम से कंपनियों, सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग संगठनों को इस मिशन से जोड़ा जाएगा। यह मंच तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा और निजी क्षेत्र को पोषण सुधार से जुड़े प्रयासों में निवेश के लिए प्रेरित करेगा। इससे आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में चल रहे कार्यक्रमों को अतिरिक्त संसाधन और विशेषज्ञता मिल सकेगी।

आंगनवाड़ी और आईसीडीएस को मजबूती

इस साझेदारी के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के ढांचे को मजबूत करना, पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और Integrated Child Development Services (ICDS) जैसी योजनाओं के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा जमीनी स्तर पर काम करने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य फील्ड स्टाफ की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।

ज्ञान मंच और सफल मॉडल

नीति आयोग ने बताया कि इस पहल के तहत समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष ज्ञान मंच विकसित किए जाएंगे। इन मंचों के माध्यम से आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में सफल मॉडलों को साझा किया जाएगा ताकि अन्य क्षेत्रों में भी उन्हें अपनाया जा सके। इससे स्थानीय स्तर पर नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग से बढ़ेगा विकास

गौरतलब है कि इससे पहले इसी सप्ताह NITI Aayog ने आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए Japan International Cooperation Agency (JICA) के साथ भी एक समझौता किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से भारत के वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और विकास के प्रयासों को नई दिशा मिल सकती है।

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