मुंडली (ओडिशा): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने शुक्रवार को ओडिशा के मुंडली में आयोजित Central Industrial Security Force (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने CISF के आवासीय ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने ₹890 करोड़ की लागत से तीन नए आवासीय परिसरों—कामरूप, नासिक और सीहोर—का शिलान्यास किया। साथ ही राजरहाट और दिल्ली में बने दो आवासीय परिसरों का लोकार्पण भी किया गया। इस समारोह में केंद्रीय मंत्री Dharmendra Pradhan, ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi, CISF के महानिदेशक और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
औद्योगिक सुरक्षा का मजबूत
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि CISF ने पिछले 56 वर्षों में शून्य से शिखर तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है। उन्होंने बल के साहस, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि देश के औद्योगिक विकास को सुरक्षित बनाने में CISF की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि भारत के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में CISF एक भरोसेमंद सुरक्षा बल के रूप में स्थापित हो चुका है। इसके कारण देश की आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को सुरक्षित माहौल मिला है।
361 संस्थानों और 70 हवाई अड्डों की सुरक्षा
गृह मंत्री ने बताया कि CISF आज देश के 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रहा है। इनमें 70 हवाई अड्डे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए CISF को अब ड्रोन सुरक्षा के लिए नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसके साथ ही भविष्य में CISF निजी औद्योगिक समूहों को भी हाइब्रिड मॉडल के तहत सुरक्षा सेवाएं प्रदान करेगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के लक्ष्य के अनुसार 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में CISF की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे राज्यों में CISF नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि तिरुपति से पशुपतिनाथ तक रेड कॉरिडोर का सपना देखने वालों को पूरी तरह परास्त किया जाएगा।
वीरता और सेवा के लिए हजारों पदक
गृह मंत्री ने CISF के जवानों की बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए बताया कि बल को अब तक वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए 13,693 पदक मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि CISF के कर्मियों ने हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
विकसित भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य भी तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में CISF एक कैटलिस्ट (प्रेरक शक्ति) की तरह काम कर रहा है। औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करना और देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
