नई दिल्ली: राजधानी में गुरुवार शाम से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक नीति से जुड़ा प्रतिष्ठित सम्मेलन Raisina Dialogue 2026 शुरू होने जा रहा है। इस सम्मेलन के 11वें संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उद्घाटन समारोह में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और कीनोट संबोधन देंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस वैश्विक मंच में दुनिया भर के नीति-निर्माता, रणनीतिक विशेषज्ञ, राजनयिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शिक्षाविद महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
जियोपॉलिटिक्स और जियो-इकॉनॉमिक्स पर भारत का प्रमुख मंच
रायसीना डायलॉग को जियोपॉलिटिक्स और जियो-इकॉनॉमिक्स से जुड़े मुद्दों पर भारत की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस माना जाता है। यह मंच वैश्विक समुदाय के सामने मौजूद जटिल चुनौतियों और संभावित समाधानों पर खुलकर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है। इस सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर संवाद और सहयोग के जरिए वैश्विक समस्याओं के समाधान तलाशना है। अंतरराष्ट्रीय संबंध, सुरक्षा, व्यापार, तकनीक, पर्यावरण और विकास जैसे विषयों पर यहां गहन चर्चा होती है।
110 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस वर्ष के सम्मेलन में दुनिया के 110 देशों से प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें कई देशों के मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, पूर्व प्रधानमंत्री, सांसद, सैन्य कमांडर, नीति विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रमुख नेता शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, इस बार लगभग 2700 प्रतिभागी सम्मेलन में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे। इसके अलावा दुनियाभर के लाखों लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस कार्यक्रम को लाइव देख सकेंगे। रायसीना डायलॉग के जरिए भारत वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक भूमिका को भी मजबूत करने की कोशिश करता है।
इस वर्ष की थीम: ‘संस्कार – दावा, तालमेल, तरक्की’
इस साल सम्मेलन की थीम “संस्कार – दावा, तालमेल, तरक्की” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से वैश्विक सहयोग, प्रतिस्पर्धा और विकास के बीच संतुलन बनाने पर चर्चा की जाएगी। तीन दिनों के दौरान दुनिया के प्रमुख निर्णयकर्ता और विचारक विभिन्न सत्रों में भाग लेकर समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे। यह संवाद अलग-अलग फॉर्मेट में आयोजित होगा, जिसमें पैनल चर्चा, विशेष सत्र और इंटरैक्टिव बातचीत शामिल हैं।
छह प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा
रायसीना डायलॉग के दौरान छह प्रमुख थीमैटिक पिलर्स पर बातचीत की जाएगी। इनमें वैश्विक शक्ति संतुलन, आर्थिक सहयोग, व्यापारिक चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
मुख्य विषयों में शामिल हैं:
कॉन्टेस्टेड फ्रंटियर्स: पावर, पोलारिटी और पेरिफेरी इस विषय के तहत बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा पर चर्चा होगी।
रिपेयरिंग द कॉमन्स: न्यू ग्रुप्स, न्यू गार्डियंस, न्यू एवेन्यूज़ इसमें वैश्विक संसाधनों की सुरक्षा और साझा जिम्मेदारियों पर विचार किया जाएगा।
टैरिफ के समय में ट्रेड: रिकवरी, रेजिलिएंस, रीइन्वेंशन वैश्विक व्यापार, आर्थिक पुनरुत्थान और नई आर्थिक रणनीतियों पर चर्चा होगी।
इन सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और बदलते वैश्विक परिदृश्य को समझने की कोशिश करेंगे।
वैश्विक नीति-निर्माताओं के लिए अहम मंच
पिछले वर्षों में रायसीना डायलॉग अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के प्रमुख मंचों में से एक बनकर उभरा है। यहां दुनिया के कई महत्वपूर्ण नेता और विशेषज्ञ भाग ले चुके हैं। इस मंच के जरिए भारत वैश्विक मुद्दों पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाता है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि आपसी बातचीत के जरिए सुरक्षा, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी विकास जैसे विषयों पर सहयोग के नए रास्ते तलाशते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वैश्विक पहुंच
इस सम्मेलन की कार्यवाही केवल स्थल तक सीमित नहीं रहती। इसके सत्रों का प्रसारण डिजिटल माध्यमों के जरिए भी किया जाता है, जिससे दुनियाभर के लोग इसमें भागीदारी कर सकते हैं। आयोजकों के मुताबिक, इस बार भी सम्मेलन के विभिन्न सत्रों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, जिसे लाखों लोग देखेंगे।
भारत की वैश्विक भूमिका पर नजर
नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक मुद्दों में उसकी भूमिका को भी दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
