होली पर देश को पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति की शुभकामनाएं

नई दिल्ली: रंगों के पर्व होली के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi, राष्ट्रपति Droupadi Murmu और उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने देशवासियों को बधाई देते हुए सुख-समृद्धि, एकता और नई ऊर्जा की कामना की। देशभर में उत्साह के साथ मनाए जा रहे होली पर्व पर शीर्ष नेतृत्व के संदेशों ने सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और सकारात्मकता का संदेश दिया है।

पीएम मोदी ने दी अनंत शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देशवासियों को होली की बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में रंग, उमंग और खुशियां लेकर आए। प्रधानमंत्री ने लिखा कि होली का यह पावन अवसर हर व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार करे। उन्होंने कहा कि रंगों से सजा यह पर्व पूरे देश में आनंद और उल्लास का वातावरण बनाता है।

“होली भर देती है नई ऊर्जा”

एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने होली के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूरे माहौल में नई ऊर्जा का संचार करता है। जिस तरह चारों ओर रंग बिखरते हैं, उसी तरह यह त्योहार लोगों के दिलों में उमंग और उत्साह भर देता है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक बताया।

संस्कृत सुभाषित के माध्यम से दिया संदेश

होली के अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी साझा किया। इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने वसंत ऋतु की सौंदर्यपूर्ण छटा और प्रेम, उल्लास तथा नवचेतना के संदेश को रेखांकित किया। श्लोक में वर्णित है कि वसंत की मनोहर हवाओं से जैसे पुष्प खिल उठते हैं और मधुर गीतों की ध्वनि वातावरण में गूंजती है, उसी प्रकार जीवन में नई चेतना और प्रेम का उत्सव फैलता है। प्रधानमंत्री के इस सांस्कृतिक संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली।

राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रेम और एकता का पर्व

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह रंगों का त्योहार लोगों के जीवन में प्रेम और आशा का संचार करता है। होली आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करती है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियां लाए और हम सब मिलकर विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।

उपराष्ट्रपति का संदेश: नई शुरुआत और जोश का प्रतीक

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने होली को बुराई पर अच्छाई की जीत और बसंत ऋतु के स्वागत का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमारी सभ्यता में नई शुरुआत, उम्मीद और जोश का प्रतीक है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि होली हमारी समृद्ध परंपराओं से गहराई से जुड़ा उत्सव है, जो समाज में आपसी सम्मान और साझा खुशी को दर्शाता है। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि होली के रंग हर हृदय को नई ऊर्जा से भर दें और हमें अधिक समावेशी तथा शांतिपूर्ण ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए प्रेरित करें।

देशभर में उत्सव का माहौल

होली के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में उत्सव का माहौल है। लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रंगों का त्योहार मना रहे हैं। धार्मिक स्थलों, आवासीय कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। नेताओं के संदेशों में सामाजिक सद्भाव, सकारात्मक सोच और सामूहिक विकास की भावना प्रमुख रूप से उभरकर सामने आई है। होली का यह पर्व केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है।

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