खामेनेई की मौत पर वैश्विक विरोध, UN ने हमले को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई देशों ने इस हमले की खुलकर निंदा की है, जबकि कुछ राष्ट्रों ने संयमित शब्दों में चिंता व्यक्त की है।

संयुक्त राष्ट्र की कड़ी प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने ईरान पर हुए हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। उन्होंने तत्काल वार्ता शुरू कर क्षेत्र को “तबाही के कगार से वापस लाने” की अपील की। गुटेरेस ने अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई की निंदा करते हुए साथ ही ईरान द्वारा बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता के उल्लंघन की भी आलोचना की।

रूस का कड़ा बयान

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई की मौत को “सनक में की गई हत्या” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का उल्लंघन है। पुतिन ने खामेनेई को एक “उत्कृष्ट राजनेता” बताते हुए उनकी भूमिका को याद किया।

एशियाई और अफ्रीकी देशों की प्रतिक्रिया

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि शत्रुता को तत्काल और बिना शर्त समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका और ईरान से कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने इसे क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करने का आग्रह किया।

चीन और यूरोपीय संघ की चिंता

चीन ने बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में हिंसा या उसकी धमकी अस्वीकार्य है। वहीं यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने खामेनेई के निधन को ईरान के इतिहास का निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्थिति अनिश्चित है, लेकिन यह ईरान के भविष्य के लिए एक नया रास्ता खोल सकती है।

इराक और अरब देशों की प्रतिक्रिया

इराक के प्रमुख धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र समेत कई नेताओं ने खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया। शिया गठबंधन ‘कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क’ ने तीन दिन के शोक की घोषणा करते हुए इस घटना को गंभीर क्षति बताया। इससे पहले अरब लीग, ब्राजील, क्यूबा और उत्तर कोरिया सहित कई देशों ने भी हमले की निंदा की थी।

बढ़ता वैश्विक तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। कई देशों ने तुरंत युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बहाल की जा सके।

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