नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) सुविधा का उद्घाटन किया। यह संयंत्र भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और प्रधानमंत्री ने इसे 21वीं सदी की तकनीकी क्रांति से जोड़ा। पीएम ने कहा कि 20वीं सदी औद्योगिक क्रांति की थी, जहां मशीनों और बड़े पैमाने पर उत्पादन ने देशों की तरक्की तय की। लेकिन 21वीं सदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सदी है और इस परिवर्तन का आधार सेमीकंडक्टर हैं। उनके मुताबिक, यदि पिछली शताब्दी का ‘रेगुलेटर’ तेल था, तो इस शताब्दी में माइक्रोचिप वही भूमिका निभाएगी।
कोविड काल में रखी गई मजबूत नींव
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के कठिन समय में भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन की घोषणा की थी। उस चुनौतीपूर्ण दौर में भी सरकार ने दीर्घकालिक दृष्टि अपनाते हुए इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक भारत में तकनीकी चर्चा मुख्य रूप से आईटी सेवाओं तक सीमित रहती थी। आज सॉफ्टवेयर के साथ-साथ भारत हार्डवेयर निर्माण में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। साणंद का यह संयंत्र उसी परिवर्तन का प्रतीक है।
वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भारत की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में आयोजित एआई समिट ने दुनिया को भारत की तकनीकी क्षमता से परिचित कराया। साणंद में एटीएमपी सुविधा का उद्घाटन इस दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम है। इससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला का सक्रिय हिस्सा बन रहा है। यह संयंत्र भारत में निर्मित पहले सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल के वाणिज्यिक उत्पादन और शिपमेंट की शुरुआत का गवाह बना। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी।
22,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
यह परियोजना सितंबर 2023 में शुरू हुई थी और इसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत स्वीकृत पहला प्रस्ताव माना जाता है। कुल 22,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलते ही तेजी से आगे बढ़ाया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि लगभग 900 दिनों में आधार से उत्पादन तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग मूलभूत उद्योग है, जिसका उपयोग लगभग हर आधुनिक उपकरण में होता है। इस संयंत्र में मेमोरी चिप्स का उत्पादन किया जाएगा, जो वैश्विक मांग को पूरा करने में सहायक होगा।
साणंद में रोड शो और जनसंपर्क
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने साणंद में रोड शो भी किया। बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए सड़कों पर उमड़े। कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल पैदा किया और इसे गुजरात के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
रणनीतिक महत्व और रोजगार संभावनाएं
सेमीकंडक्टर उद्योग को रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के बाद कई देशों ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की कोशिशें तेज की हैं। भारत भी इसी दिशा में निवेश बढ़ा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, इस संयंत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। साथ ही, देश में उच्च तकनीकी कौशल के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
