तमिलनाडु चुनाव: 100% वेबकास्टिंग के साथ 75,000 पोलिंग स्टेशन तैयार

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने शुक्रवार को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की टीम पिछले कुछ दिनों से राज्य में मौजूद है और जिला कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों के जरिए व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त Chief Election Commissioner (CEC) ने भरोसा दिलाया कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

5.67 करोड़ मतदाता, महिलाओं की संख्या अधिक

प्रेस वार्ता में CEC ने बताया कि तमिलनाडु में इस समय कुल 5 करोड़ 67 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 2.89 करोड़ महिला मतदाता और 2.77 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल हैं। राज्य में 7,617 ट्रांसजेंडर मतदाता भी पंजीकृत हैं। वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय है। 80 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 4 लाख मतदाता हैं, जबकि 100 वर्ष से ज्यादा उम्र के 2,530 मतदाता सूची में दर्ज हैं। आयोग का कहना है कि प्रत्येक पात्र मतदाता को मतदान का अवसर सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

बता दें कि चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान चलाया। इस दौरान मृत, स्थानांतरित या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को हटाया गया। सीईसी के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य था कि कोई भी पात्र नागरिक सूची से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो। उन्होंने इस कार्य में लगे बूथ स्तर के अधिकारियों और जिला निर्वाचन टीमों की सराहना की।

234 विधानसभा सीटें, व्यापक चुनावी ढांचा

तमिलनाडु में कुल 234 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। इनमें 188 सामान्य श्रेणी, 44 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्यभर में लगभग 75,000 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से करीब 44,000 ग्रामीण इलाकों में होंगे, ताकि दूरदराज क्षेत्रों के मतदाताओं को सुविधा मिल सके। औसतन प्रत्येक मतदान केंद्र पर लगभग 756 मतदाता होंगे, जिससे मतदान प्रक्रिया सुगम और व्यवस्थित रहे।

हर बूथ पर 100% वेबकास्टिंग

पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आयोग ने हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है। इससे मतदान प्रक्रिया की निगरानी रियल-टाइम में की जा सकेगी। इसके अलावा, 258 मतदान केंद्रों का संचालन पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा। 47 बूथ दिव्यांगजनों की टीमों द्वारा प्रबंधित होंगे। राज्य में लगभग 265 मॉडल पोलिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जहां मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मोबाइल से मिलेगी पूरी चुनावी जानकारी

चुनाव आयोग ने डिजिटल पहुंच को भी मजबूत किया है। मतदाता अपने मोबाइल फोन के माध्यम से उम्मीदवारों की जानकारी, उनके शपथपत्र, मतदान केंद्र की लोकेशन और मतदाता संख्या जैसी जानकारी लगभग रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे। सीईसी ने कहा कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठकें

पिछले दो दिनों में आयोग ने जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, डीआईजी, आईजी और लगभग 24 प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठकें की हैं। राज्य सरकार के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य विभागों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो।

निष्पक्ष चुनाव का संकल्प

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने दोहराया कि चुनाव आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। मतदाता सूची की शुद्धता से लेकर मतदान केंद्रों की पारदर्शिता और सुरक्षा तक, हर स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर आयोग का फोकस स्पष्ट है—हर पात्र मतदाता तक पहुंच और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना।

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