लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। अपने सिंगापुर दौरे के दौरान योगी ने दुनिया की प्रमुख संप्रभु निवेश संस्थाओं में से एक GIC (Government of Singapore Investment Corporation) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Lim Chow Kiat और उनकी टीम के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बता दें कि इस बैठक को उत्तर प्रदेश की निवेश नीति, औद्योगिक विकास और वैश्विक पूंजी आकर्षित करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश को निवेश का हब बनाने का लक्ष्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल, नीतिगत सुधारों और तेज़ी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज न केवल भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, बल्कि यह देश की सबसे बड़ी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने GIC के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को स्थिर नीति, तेज़ निर्णय प्रक्रिया और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध करा रही है, जिससे लंबे समय तक टिकाऊ निवेश संभव हो सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास पर विशेष जोर
बैठक में बुनियादी ढांचे, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक कॉरिडोर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश अवसरों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, एयरपोर्ट्स, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक क्लस्टर्स का तेज़ी से विस्तार किया गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य में पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स निवेशकों के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।
GIC की दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर चर्चा

GIC के सीईओ लिम चो किआट ने उत्तर प्रदेश में हो रहे संरचनात्मक बदलावों और आर्थिक सुधारों में गहरी रुचि दिखाई। बैठक के दौरान GIC की दीर्घकालिक निवेश रणनीति और भारत जैसे उभरते बाजारों में स्थिर एवं सुरक्षित निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में यूपी की प्रगति
मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तर प्रदेश की ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ रैंकिंग में हुए सुधारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन अप्रूवल प्रक्रिया और निवेशकों के लिए समर्पित सहायता तंत्र ने राज्य को निवेश के लिहाज से अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया है।अब राज्य सरकार निवेशकों के साथ साझेदारी को केवल पूंजी निवेश तक सीमित नहीं रखती, बल्कि रोजगार सृजन और स्थानीय विकास को भी समान प्राथमिकता देती है।
वैश्विक निवेशकों के लिए खुला है उत्तर प्रदेश
इस बैठक को उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को सिर्फ एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने GIC को उत्तर प्रदेश में संभावित निवेश परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव लेने के लिए आमंत्रित भी किया।
सिंगापुर दौरा: निवेश कूटनीति का अहम पड़ाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा उत्तर प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे पहले भी राज्य सरकार ने अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों में रोड शो और निवेश संवाद आयोजित किए हैं। GIC जैसी प्रतिष्ठित संप्रभु निवेश संस्था के साथ यह संवाद उत्तर प्रदेश की वैश्विक आर्थिक छवि को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
