ओडिशा बजट 2026–27: स्वास्थ्य ,कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली प्राथमिकता

भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 3.10 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश करते हुए राज्य के विकास के रोडमैप को स्पष्ट दिशा दी है। मुख्यमंत्री, जिनके पास वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी है, ने इस बजट को समावेशी विकास, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बताया। विधानसभा में प्रस्तुत बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह बजट केवल खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विकास की रणनीति है।

समावेशी विकास के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार का उद्देश्य विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में तेजी लाना है, ताकि राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और कमजोर वर्गों के उत्थान को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों का योजनाबद्ध उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता और सेवा वितरण बेहतर हो सके।

प्रोग्राम बजट और पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

बजट दस्तावेज के अनुसार, 2026–27 के लिए प्रोग्राम बजट 1.80 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है, जो कुल बजट का लगभग 58 प्रतिशत है। वहीं, कैपिटल आउटले 72,100 करोड़ रुपये रखा गया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का 6.5 प्रतिशत और कुल बजट का 23.3 प्रतिशत है। राज्य सरकार का दावा है कि पूंजीगत खर्च का यह अनुपात देश के बड़े राज्यों में सबसे अधिक है, जिससे दीर्घकालिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को मजबूती मिलेगी।

कृषि और सिंचाई को बजट का केंद्र

कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए इस बजट में 42,492 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.3 प्रतिशत अधिक है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। ‘समृद्ध कृषक योजना’ के तहत 6,088 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अंतर्गत किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, किसानों को समय पर भुगतान और खरीद व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड भी प्रस्तावित है। सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और जल संसाधन प्रबंधन के लिए 17,855 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे खेती को मौसम पर निर्भरता से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर मजबूत फोकस

बजट में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 23,182 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

शिक्षा क्षेत्र के लिए 42,565 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए 18,957 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सामाजिक सुरक्षा उपायों के लिए 25,208 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को सहायता मिलेगी।

शहरी विकास, रोजगार और ग्रामीण आजीविका

शहरी विकास के लिए 10,738 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बुनियादी सुविधाओं, आवास और नागरिक सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। वहीं, विकसित भारत – रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 5,575 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

नई योजनाएं और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान 16 नई योजनाओं की घोषणा की। इनमें पुरी में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जगन्नाथ इंटरप्रिटेशन सेंटर और वर्ल्ड टूरिज्म सेंटर प्रमुख हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना, मुख्यमंत्री स्मार्ट सिटी मिशन और ओडिशा एआई मिशन भी बजट का हिस्सा हैं। सरकार का कहना है कि इन पहलों से पर्यटन, निवेश और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

विकास की दीर्घकालिक रूपरेखा

कुल मिलाकर, ओडिशा बजट 2026–27 को राज्य सरकार ने संतुलित और भविष्य उन्मुख बताया है। कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक क्षेत्रों में बड़े आवंटन के जरिए सरकार आर्थिक विकास के साथ सामाजिक न्याय को साधने का प्रयास कर रही है।

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