भारत–ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती

PM and the President of Brazil, Mr. Luiz Inácio Lula da Silva witnessing the Exchange of MoUs between India and Brazil at Hyderabad House, in New Delhi on February 21, 2026.

नई दिल्ली: भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से विचार किया गया।

द्विपक्षीय संबंधों की समग्र समीक्षा

वार्ता के दौरान भारत–ब्राजील संबंधों की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा की गई। नेताओं ने माना कि बीते वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता और विश्वास बढ़ा है, लेकिन बदलते वैश्विक परिदृश्य में सहयोग की संभावनाएं और भी व्यापक हो गई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सहमति बनी।

व्यापार और निवेश पर विशेष जोर

बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा स्तर से आगे बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशे जाने चाहिए। उद्योगों के बीच सीधा संपर्क, निवेश के लिए अनुकूल माहौल और व्यापारिक बाधाओं को कम करने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही, दोनों देशों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और स्टार्टअप व एमएसएमई सेक्टर में सहयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

रक्षा और रणनीतिक सहयोग

भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग भी बैठक का एक अहम विषय रहा। दोनों पक्षों ने रक्षा उत्पादन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की और साझा सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षा संवाद को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। रणनीतिक साझेदारी के तहत समुद्री सुरक्षा, रक्षा अनुसंधान और संयुक्त अभ्यास जैसे विषयों पर भविष्य में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

ऊर्जा, जलवायु और सतत विकास

ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा एवं जैव ईंधन व नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श हुआ। साथ ही इन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। ब्राजील और भारत, दोनों ही विकासशील अर्थव्यवस्थाएं हैं और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इस संदर्भ में सतत विकास, हरित प्रौद्योगिकी और पर्यावरण संरक्षण के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया गया।

बहुपक्षीय मंचों पर साझा दृष्टिकोण

भारत- ब्राजील ने अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को भी महत्वपूर्ण माना तथा दोनों नेताओं में वैश्विक शासन संस्थाओं में सुधार, विकासशील देशों की आवाज को मजबूती देने और ब्रिक्स, जी20 और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर भारत और ब्राजील के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।

भविष्य की दिशा

इस प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता को भारत–ब्राजील संबंधों के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे आपसी सहयोग को केवल द्विपक्षीय स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए इस साझेदारी को और गहरा करना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक से आने वाले वर्षों में भारत और ब्राजील के रिश्तों को नई ऊर्जा मिलेगी और दोनों देश रणनीतिक साझेदार के रूप में वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।

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