चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति और आर्थिक दिशा तय करने वाला विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। हरियाणा विधानसभा का यह सत्र 18 मार्च तक चलेगा, जिसमें सरकार अपनी नीतियों, बजटीय प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को सदन के सामने रखेगी। वहीं, विपक्ष भी इस सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में नजर आ रहा है।
राज्यपाल के अभिभाषण से हुई सत्र की शुरुआत
बजट सत्र के पहले दिन सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई। इस दौरान सरकार ने अपनी नीतियों, विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया। सरकार की ओर से जानकारी दी, कि पहले दिन की कार्यवाही के तहत बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की रिपोर्ट भी सदन में पेश की जाएगी, जिसके आधार पर सत्र के दौरान होने वाले कामकाज और समय-सारिणी को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सत्र का शेड्यूल और प्रमुख तारीखें
27 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से जवाब देंगे। इसके बाद 2 मार्च को मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री के रूप में, राज्य का वार्षिक बजट सदन में प्रस्तुत करेंगे। बजट पर कई दिनों तक चर्चा होगी और अंत में प्रस्तावों पर मतदान कराया जाएगा। 17 मार्च को बजट एस्टीमेट्स पर वोटिंग के साथ सत्र अपने अंतिम चरण में पहुंचेगा।
विपक्ष की रणनीति, सरकार को घेरने की तैयारी
बजट सत्र से ठीक पहले गुरुवार को कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक हुई थी। यह बैठक नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह समेत पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहे। बैठक के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए सभी प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत रणनीति बनाई गई है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग कर सकती है। विपक्ष का फोकस बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, महंगाई और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विषयों पर रहने की संभावना है।
बजट से बड़ी उम्मीदें, नई घोषणाओं के संकेत
पिछले वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2025-26 के लिए लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो उससे पहले के वर्ष की तुलना में करीब 13.7 प्रतिशत अधिक था। इस बजट में बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और ग्रामीण विकास पर खास जोर दिया गया था। इस बार भी माना जा रहा है कि सरकार बजट के जरिए नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है और कुछ मौजूदा योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है। खासतौर पर लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर चर्चा तेज है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार इस योजना के तहत पारिवारिक आय की सीमा में बढ़ोतरी कर अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर सकती है।
सरकार और विपक्ष के लिए अहम सत्र
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह बजट सत्र सरकार और विपक्ष—दोनों के लिए बेहद अहम है। जहां सरकार विकास कार्यों और आर्थिक प्रबंधन को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करेगा। इस सत्र के दौरान होने वाली चर्चाएं न सिर्फ राज्य की वित्तीय दिशा तय करेंगी, बल्कि आने वाले महीनों में हरियाणा की राजनीति की रूपरेखा भी तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
