नई दिल्ली: भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार के कामकाज का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक किया। मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बीते बारह महीनों की उपलब्धियों, नीतिगत फैसलों और आने वाले समय की प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पहले दिन से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उसका फोकस घोषणाओं पर नहीं, बल्कि परिणाम देने वाले कामों पर रहेगा। सीएम ने कहा कि यह “वादों की नहीं, काम की सरकार” है, जो प्रशासन को दिखावे से निकालकर ज़मीनी बदलाव की ओर ले जाना चाहती है।
प्रशासन में बदलाव, प्रक्रिया में तेजी
रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने ‘काग़ज़ कम, काम ज़्यादा’ के सिद्धांत को केवल नारा नहीं, बल्कि कार्यशैली का हिस्सा बनाया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने, फाइलों की अनावश्यक देरी को कम करने और निर्णय लेने की गति बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बीते एक साल में दिल्ली के सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति में बदलाव दिखाई देने लगा है। अब योजनाओं का मूल्यांकन पोस्टर, विज्ञापन या सोशल मीडिया प्रचार से नहीं, बल्कि उनके ज़मीनी असर से किया जाता है।
स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार के पहले ही कैबिनेट फैसले में स्वास्थ्य क्षेत्र को शीर्ष प्राथमिकता दी गई। 20 फरवरी को हुई पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान योजना के विस्तार का निर्णय लिया गया, जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया गया। आयुष्मान भारत योजना के इस विस्तारित स्वरूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत मिली है। निजी अस्पतालों में इलाज तक पहुंच आसान हुई और इलाज के खर्च को लेकर परिवारों पर पड़ने वाला बोझ भी कम हुआ है।
गरीब और वंचित वर्गों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों के केंद्र में गरीब, श्रमिक और कमजोर वर्ग रहे हैं। इसी सोच के तहत ‘अटल कैंटीन’ योजना को प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया गया। राजधानी के विभिन्न हिस्सों में अब तक 70 अटल कैंटीन शुरू की जा चुकी हैं, जहां किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस पहल से प्रवासी मजदूरों, रिक्शा चालकों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिला है। खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हर दिन जनकल्याण की दिशा में एक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बीते 365 दिनों में हर दिन जनकल्याण से जुड़ा कम से कम एक ठोस प्रयास करने का लक्ष्य रखा। सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया गया। उनका कहना था कि सरकार ने योजनाओं को केवल काग़ज़ों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके क्रियान्वयन और निगरानी पर भी बराबर ध्यान दिया।
आने वाले वर्ष की प्राथमिकताएं
आने वाले समय की योजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले वर्ष बुनियादी ढांचे के विकास, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। शहरी सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर इस्तेमाल से सेवाओं की डिलीवरी तेज़ होगी और आम नागरिक का समय बचेगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम रिपोर्ट कार्ड
एक वर्ष पूरा होने पर जारी किया गया यह रिपोर्ट कार्ड राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से सरकार ने अपने कामकाज का सार्वजनिक मूल्यांकन प्रस्तुत किया है और साथ ही भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना भी सामने रखी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि दिल्ली में विकास और जनकल्याण की यह गति आगे भी बनी रहेगी और राजधानी को सुशासन व सेवा का मजबूत मॉडल बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम करती रहेगी।
