भारत की आर्थिक दिशा, विकास की प्राथमिकताएं और वैश्विक मंच पर देश की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर सरकार की सोच को विस्तार से सामने रखा है। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने इस वर्ष के केंद्रीय बजट, संरचनात्मक सुधारों, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा क्षेत्र जैसे अहम विषयों पर खुलकर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और भारत को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है।
केंद्रीय बजट: समावेशी विकास की आधारशिला
प्रधानमंत्री मोदी ने साक्षात्कार में कहा कि इस वर्ष का केंद्रीय बजट समावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों को सशक्त बनाना है, जो रोजगार सृजन, नवाचार और सामाजिक संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि बजट के जरिए बुनियादी ढांचे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि जब विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा, तभी आर्थिक प्रगति टिकाऊ होगी।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की रफ्तार बरकरार
प्रधानमंत्री ने सरकार की सुधार नीति को “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की संज्ञा देते हुए कहा कि बीते वर्षों में भारत ने सुधारों की दिशा में लगातार और तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि ये सुधार किसी दबाव में नहीं, बल्कि देश की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। पीएम के अनुसार, पारदर्शिता बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकता रही है। इससे न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं मिली हैं।
दुनिया भारत के साथ व्यापार क्यों करना चाहती है?
साक्षात्कार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रही है। भारत की स्थिर नीतियां, बड़ा उपभोक्ता बाजार, कुशल मानव संसाधन और लोकतांत्रिक ढांचा वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का अहम हिस्सा बन रहा है।
MSME और स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ने बताया कि छोटे और मझोले उद्योग (MSME) तथा स्टार्टअप्स भारत की आर्थिक रीढ़ हैं। सरकार ने इनके लिए वित्तीय सहायता, आसान ऋण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नीति समर्थन जैसे कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने से न केवल नवाचार को गति मिली है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा हुए हैं। एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करना रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए बेहद जरूरी है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र पर सरकार के फोकस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं रहना चाहता, बल्कि स्वदेशी उत्पादन और निर्यात को भी बढ़ावा दे रहा है। रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी, स्टार्टअप्स और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने से देश की रणनीतिक क्षमता मजबूत हुई है। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि आर्थिक अवसर भी पैदा हुए हैं।
पारदर्शिता और दक्षता पर जोर
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शासन में पारदर्शिता और दक्षता सरकार की कार्यशैली का मूल आधार है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक के इस्तेमाल से नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी आई है और भ्रष्टाचार की संभावनाएं घटी हैं। मोदी ने कहा मेरा मानना है कि जब सिस्टम पर लोगों का भरोसा बढ़ता है, तो विकास की गति अपने आप तेज हो जाती है।
सोशल मीडिया पर साझा किए विचार
इस साक्षात्कार के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा कि पीटीआई के साथ बातचीत में उन्होंने बजट, रिफॉर्म एक्सप्रेस, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा सहित कई मुद्दों पर अपने विचार रखे हैं। यह पोस्ट सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का माध्यम बनी।
भारत के भविष्य को लेकर आशावाद
साक्षात्कार के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है। सही नीतियां, युवा शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों के सहारे देश आने वाले वर्षों में वैश्विक मंच पर और मजबूत भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की निरंतर कोशिशें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस आधार तैयार कर रही हैं।
