पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के दो वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। 13 फरवरी 2024 को शुरू की गई इस योजना ने अब लाखों परिवारों के घरों को सौर ऊर्जा से रोशन कर दिया है। दो साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि भगवान सूर्य हम सभी के जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं, और यही भावना इस योजना के माध्यम से देशभर में फैल रही है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह योजना केवल मुफ्त बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर और हरित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
क्या है ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’?
‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ (PMSG:MBY) एक मांग-आधारित राष्ट्रीय योजना है, जिसके तहत आवासीय उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर (RTS) पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिन उपभोक्ताओं के पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, वे योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं और केंद्रीय वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना, बिजली बिल का बोझ कम करना और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है। छतों पर लगाए गए सोलर पैनल से न केवल घरेलू जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर उपभोक्ता आर्थिक लाभ भी कमा सकते हैं।
दो साल में उल्लेखनीय उपलब्धियां
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2024 से लेकर दिसंबर 2025 तक देशभर में 20,85,514 से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इनसे 26,14,446 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। योजना के तहत अब तक 14,771.82 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) वितरित की जा चुकी है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि योजना को देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों ने इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। कई राज्यों में डिस्कॉम और स्थानीय प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी है।
स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ता भारत
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेज प्रगति की है। सौर ऊर्जा उत्पादन में देश दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। ‘पीएम सूर्य घर’ योजना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आम नागरिकों को हरित ऊर्जा से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी गति से रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन बढ़ते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि बिजली उत्पादन पर होने वाला सरकारी खर्च भी घटेगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस योजना का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। सोलर पैनल निर्माण, इंस्टॉलेशन और रखरखाव से जुड़े उद्योगों में लाखों लोगों को काम मिला है। साथ ही, बिजली बिल में कमी से परिवारों की मासिक बचत बढ़ी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में इस योजना को जनभागीदारी से जुड़ी पहल बताया। उनका कहना है कि जब नागरिक स्वेच्छा से स्वच्छ ऊर्जा अपनाते हैं, तो देश तेजी से आत्मनिर्भर बनता है।
आगे की राह
दो साल की सफलता के बाद सरकार अब इस योजना के दायरे को और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि हरित भविष्य की ओर बढ़ता जनआंदोलन बनती जा रही है।
