गुवाहाटी को विकास की नई रफ्तार: पीएम मोदी ने सेतु, डेटा सेंटर, IIM और ई-बस परियोजनाओं को दी सौगात

पूर्वोत्तर भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुवाहाटी में एक के बाद एक कई बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन पहलों का उद्देश्य कनेक्टिविटी को मजबूत करना, डिजिटल ढांचे को सशक्त बनाना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाना है।

सामरिक और आपदा राहत में मददगार ढांचा

कार्यक्रम की शुरुआत ऐसे महत्वपूर्ण ढांचे के उल्लेख से हुई, जो आपदा या रणनीतिक जरूरतों के समय राहत और बचाव कार्यों में बेहद अहम भूमिका निभाएगा। यह संरचना 40 टन तक के फाइटर विमानों और 74 टन अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमानों को संभालने में सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधा से पूर्वोत्तर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और सैन्य तैयारियों को नई मजबूती मिलेगी।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु: इंजीनियरिंग का आधुनिक नमूना

दोपहर करीब 1 बजे प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने Kumar Bhaskar Varma Setu का दौरा किया। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है और इसके शुरू होने से दोनों हिस्सों के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा।

भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग के साथ बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) लगाए गए हैं, जो रियल-टाइम निगरानी और संभावित क्षति का समय रहते पता लगाने में मदद करेंगे। यह पुल केवल कनेक्टिविटी का साधन नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों का प्रतीक भी है।

5,450 करोड़ की परियोजनाएं: कनेक्टिविटी से डिजिटल मजबूती तक

इसके बाद प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी के लाचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का फोकस सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी बढ़ाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को उन्नत बनाने पर है।

राष्ट्रीय डेटा केंद्र: डिजिटल पूर्वोत्तर की नींव

कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का उद्घाटन भी किया गया। 8.5 मेगावॉट की स्वीकृत क्षमता और प्रति रैक औसतन 10 किलोवॉट की क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर विभिन्न सरकारी विभागों के मिशन-क्रिटिकल एप्लीकेशन को होस्ट करेगा। साथ ही यह अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगा। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के तहत पूर्वोत्तर राज्यों को सुरक्षित और सुदृढ़ डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है।

IIM गुवाहाटी और ई-बस सेवा से शिक्षा व परिवहन को बल

प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati का भी उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में प्रबंधन और उच्च शिक्षा को नया आयाम मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, PM-eBus Sewa के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई। इनमें गुवाहाटी में 100, नागपुर में 50, भावनगर में 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। इस पहल से चार शहरों के 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वच्छ, किफायती और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। ई-बसें न केवल प्रदूषण कम करेंगी, बल्कि शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में भी सुधार लाएंगी।

विकास की नई दिशा

इन सभी परियोजनाओं से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। कनेक्टिविटी, डिजिटल सशक्तिकरण, शिक्षा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के जरिए गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों को नई रफ्तार मिल रही है। आज का यह दिन पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे और भविष्य की संभावनाओं के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *