लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री उत्तर प्रदेश वित्त विभाग ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696.35 करोड़ का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 12.9% अधिक है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है, जो राज्य की विकास यात्रा और अगले चरण की आर्थिक रणनीति की दिशा को स्पष्ट रूप से व्यक्त करता है।
- यूपी विधानसभा के बजट 2026-27 सत्र का सजीव प्रसारण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पेश किए गए बजट का आधार “समग्र विकास, रोजगार और सामाजिक समावेशन” है। राज्य को आत्मनिर्भर बनाना, युवाओं के लिए अवसर सृजित करना और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना इसकी प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं।
- बजट का कुल ढांचा और उद्देश्य
इस बजट में राजकोषीय घाटे को 3% के स्तर पर बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी जा सके। इसी के साथ राज्य की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढाँचे के विकास पर जोर दिया गया है।
- मुख्य वित्तीय उद्देश्यों में शामिल हैं:
बढ़ती आबादी को रोजगार प्रदान करना
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाना
उद्योगों और MSME सेक्टर को प्रोत्साहन देना
मुख्य हाइलाइट्स: सबसे बड़ी घोषणाएँ
कुल बजट आवंटन: ₹9.12 लाख करोड़ +
2026-27 के लिए कुल बजट ₹9.12 लाख करोड़ से अधिक निर्धारित किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य पर भारी फोकस
शिक्षा क्षेत्र को कुल बजट का 12.4% आवंटित किया गया है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था को 6% का हिस्सा दिया गया है, जिसमें विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार के लिए विशेष राशि शामिल है।
- बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर जोर
राज्य सरकार ने ₹27,103 करोड़ की राशि इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के लिए प्रस्तावित की है, जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग 13% अधिक है। इसमें सड़क, पुल, पॉवर, औद्योगिक पार्क और औद्योगिक विस्तार परियोजनाओं पर खर्च शामिल है।
- टेक्नोलॉजी एवं स्मार्ट इनिशिएटिव्स
मुख्य बजट में AI सिटी, साइंस सिटी, साइबर सुरक्षा और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी उच्च तकनीक परियोजनाओं की घोषणा भी शामिल है, जो युवाओं को तकनीकी अवसर उपलब्ध कराने तथा भविष्य-उन्मुख उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में हैं।
- युवा और रोजगार कार्यक्रम
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत स्मार्टफोन और टैबलेट वितरण के लिए ₹2,374 करोड़ का प्रावधान।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु ₹1,000 करोड़ का प्रावधान, जिसका उद्देश्य लगभग 1 लाख नए माइक्रो एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देना है।
औद्योगिक विकास जोन और रोजगार-उन्मुख योजनाओं के लिए भी विशेष संसाधन आरक्षित किए गए हैं।
- हैंडलूम और टेक्सटाइल सेक्टर को प्रोत्साहन
हैंडलूम और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए करीब ₹541 करोड़ का आवंटन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में पाँच गुना अधिक है। इसका उद्देश्य रोजगार सृजन और स्थानीय कारीगरों को समर्थन देना है।
- डिफेंस और FDI आकर्षण
बजट में 200 डिफेंस इंडस्ट्री यूनिट्स को स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किए गए हैं, जिससे लगभग ₹35,280 करोड़ का निवेश और 53,263 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित करने के लक्ष्य से ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
किसानों, महिलाओं और सुरक्षा पर भी खास ध्यान
बजट में किसानों के लिए कृषि सहायता योजनाओं के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा, सिंचाई बुनियादी ढांचा तथा कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने वाले उपायों पर भी विचार किया गया है। इसके अलावा, महिलाओं के आत्मनिर्भर होने के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हॉस्टल निर्माण और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया गया है।
राज्य ने पुलिस और सुरक्षा-सम्बंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी विशेष आवंटन किया है, जिससे कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा दोनों को सुदृढ़ किया जा सके।
बजट का व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट युवा, किसान, महिला, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी प्रगति तथा रोज़गार सृजन पर जोर इसे समावेशी और विकास-उन्मुख बजट बनाता है।
इस बजट को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण आर्थिक रोडमैप के रूप में भी देखा जा रहा है, जो विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में मजबूत संकेत देता है।
