आईसीएमआर ने क्यासानूर फॉरेस्ट बीमारी की उन्‍नत वैक्सीन के विकास को आगे बढ़ाया

कर्नाटक राज्य सरकार के अनुरोध पर आईसीएमआर ने केएफडी के लिए नई वैक्सीन के विकास की पहल की। इस परियोजना के तहत इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल) और आईसीएमआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) मिलकर एक पूरी तरह स्वदेशी, दो खुराक वाली एडज्यूवेंटेड इनएक्टिवेटेड वैक्सीन विकसित कर रहे हैं। यह वैक्सीन 28 दिनों के अंतराल पर दी जाएगी।

वैक्सीन का विकास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और जानवरों पर किए गए चैलेंज व टॉक्सिसिटी अध्ययन भी समाप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही जीएलपी-ग्रेड वैक्सीन सामग्री का निर्माण किया गया है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) से मंज़ूरी मिलने के बाद वैक्सीन का फेज़-I ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया गया है।

यदि फेज़-I ट्रायल सफल रहता है, तो आगे के चरणों के क्लिनिकल ट्रायल किए जाएंगे। वैक्सीन के सुरक्षित और प्रभावी पाए जाने पर सीडीएससीओ से इसके उपयोग की औपचारिक मंज़ूरी मांगी जाएगी।

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